अनंदु साहिब

रामकली महला ३ अनंदु ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ अनंदु भइआ मेरी माए सतिगुरू मै पाइआ ॥सतिगुरु त पाइआ सहज सेती मनि वजीआ वाधाईआ ॥राग रतन परवार परीआ सबद गावण आईआ ॥सबदो त गावहु हरी केरा मनि जिनी वसाइआ ॥कहै नानकु अनंदु होआ सतिगुरू मै पाइआ ॥१॥ ए मन मेरिआ तू सदा रहु हरि नाले ॥हरि […]

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